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Who Else Heard Gita from Krishna

कृष्ण से गीता और किसने सुनी?

यह एक प्रख्यात सत्य है कि भगवान् कृष्ण के भगवद्गीता का दिव्य ज्ञान कुरुक्षेत्र कि युद्ध भूमि में अर्जुन को दिया था । किन्तु जब वे अर्जुन से यह दिव्य उपदेश कह रहे थे तब अन्य चार विभूतियों ने भीइस उपदेश कोश्री भगवान् के मुख से प्रत्यक्ष सुना ।

1. हनुमान  – वे महाभारत के युद्ध में अर्जुन के रथ पर विराजमान थे और इसलिए अर्जुन को कपिध्वज भी कहा जाता है । वे युद्ध में अर्जुन की सहायता के साथ साथ भगवान् कृष्ण के मुख से गीता का ज्ञान सुनने लिए उपस्थित थे ।

2. बर्बरीक– भीमसेन के पौत्र तथा घटोत्कच के पुत्र । बर्बरीक देह विहीन हैं और केवल अपने सिर द्वारा जीवित रहते हैं । एक पर्वत शिखर पर विराजमान होकर वे युद्ध के साथ साथ गीता उपदेश के भी साक्षी बने ।

3. वेदव्यास – श्रील वेदव्यास हिमालय में स्थित बद्रिकाश्रम में निवास करते हैं । अपनी दिव्यदृष्टि से उन्होंने गीता के दिव्य संवाद कोप्रत्यक्ष देखा और इसे लिखित रूप में प्रस्तुत किया । फिरइसे महाभारत में सम्मिलित किया गया ।

4. संजय – महाराज धृतराष्ट्र के सहायक और सारथी । उन्होंने अपने गुरु श्री वेदव्यास से दिव्यदृष्टि प्राप्त की थी और गीता के उपदेश को प्रत्यक्ष देखकर महाराज धृतराष्ट्र को वर्णित किया था ।

It is a well-known fact that Lord Krishna spoke the divine message of Bhagavad-gita to Arjuna in the battlefield of Kurukshetra. To dispel his ignorance, Lord Krishna spoke the Gita. As Lord Krishna spoke this divine message to Arjuna, four other great personalities heard it directly from Lord Krishna’s mouth.

  1. Hanuman – He was seated on Arjuna’s chariot flag during the Mahabharata battle, therefore Arjuna is also known as Kapi-dhvaja. He was present to bless Arjuna in the battle and also to hear the message of Gita from Lord Krishna.
  2. Barbarik – He is the grandson of Bhima and son of Ghatotkach. He was body-less and survived only through his head. Residingover a mountain top he witnessed the whole battle of Kurukshetra and also heard the Gita.
  3. Veda Vyasa – Srila Veda Vyasa resided at Badrikashrama in the Himalayas. With His divine vision he witnessed the transcendental conversation of the Gita and put it in written form. It was then inserted in Mahabharata.
  4. Sanjay –The secretary and charioteer of King Dhritarashtra. He received the divine vision from his guru Vedavyasa and thus he saw the live conversation of Gita and also narrated the same to Dhirtarashtra.